ब्रेन
के लीए हानीकारक
हडीयों
के लीए घातक
पीठ
दर्द
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Dig
Deep
आज कल मोबाइल अपने
जीवन का एक
अहम घटक बन
चुका है लेकिन
क्या आपको पता
है कि जब
भी हम मोबाइल
से कॉल लगाते
हैं या कॉल
रिसीव करते या
बातचीत करते है, उस
दौरान मोबाइल ध्वनी
लहरों के सहारे
टावर से कांटेक्ट करता
है और टावर
की तरफ से
आते हैं रेडिएशन जो
कि हमारे लिए
घातक सिद्ध हो
सकते हैं ऐसा
तो आपको लगता
नहीं कि कुछ
हो रहा है
लेकिन इसका जो
परिणाम है वह
बहुत ही बहुत
ही धीमी धीमी
मात्रा में होता
है
मोबाइल को
कभी भी अपने
सिरहाने रख कर सोया
ना करें क्योंकि जब
हम सोते हैं
तो वह मोबाइल
लगातार ऑन ही
रहता है इसीसे रेडीएशन का खतना बना रहता है जो
कि हमारे दिमाग
स्वास्थ के लिए हानिकारक हो सकता है
अगर आपको यकीन
नहीं तो आप
कभी भी देख
लो जिनके घरों
के पास टावर
होते हैं उनकी
हेल्थ का आप अगर अंदाजा लगाएंगे तो आपको नजर आएगा की उन लोगों
को जादातर पीठदर्द, घुटनों में दर्द, गर्दन में दर्द या सीर दुखना ऐसे लक्षण नजर
आएंगे, वैसे तो रंडीएशन का खतरा आमतौर पर नजर नहीं
आता लेकिन बहुत
ही धीमी तरह
से अपने हड्डियों को
गला देता है
धीमी तरह से
सेहत को कमजोर करता है.
जो लोग रोजाना मोबाइल अपनी ऊपर
वाली जेब में
रखते हैं या
नीचे रखते हैं
तो इसका हमारे
शरीर पर बहुत
बुरा परीणाम हो सकता है, यह हमारे दील के लीए बहोत खतरनाक
साबीत हो सकता है, लेकिन एक चीज
आप जरूर कर सकते कि
जब भी आप
मोबाइल से बातचीत
करें तो हेडफोन
का इस्तेमाल करके
ही बातचीत करें
क्या होता है
कि जो रेडिएशन से
वह हमारे दिमाग
तक नहीं पहुंच
पाएंगे यानी कि
थोड़ा तसल्ली तो है और एक बात
की जब भी
हमारे मोबाइल की
बैटरी लो हो
5 प्रतिशत से कम हो
या फिर मोबाइल
बता दे कि बैटरी
लो है तो
उस वक्त हमें
मोबाइल पर ज्यादा
बातचीत नहीं करनी
चाहिए क्योंकि उस
वक्त रेडिएशन का
खतरा बहुत ही
ज्यादा होता तो ऐसे वख्त में हेडफोन का
इस्तेमाल करके ही बात
करें
अपना मकान जो
है वह
मोबाईल टावर के आस
पास ना रखें,
दूर ही है
तो अच्छा है
अगर आप देखना
चाहेंगे तो एक बात
जरूर नोटिस करिएगा
कि शहर के
बजाय गांव में
जो लोग रहते
हैं उनकी सेहत
जो है वह
ज्यादा अच्छी रहती
है इसका एक
यही कारण है
कि वहां पर
मोबाइल रेडिएशंस बहुत
ही कम मात्रा
में होते है
आप कभी भी मोबाईल सीरहाने रख कर ना सोया करे क्युकी रातभर वह
लहरें छोडना पकडना यही काम करता रहता है, तो ऐसे वक्त मे आप एक काम
जरूर कर सकते
हैं जब भी
आप सोए तो
मोबाइल को एयरप्लेन मोड
पर डाल कर
ही सो जाए
इससे रेडिएशंस का
खतरा कम हो
जाता है

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